Thursday, October 11, 2012

सचमुच घनचक्कर था मेघदूत

cloudburst

नि दा फ़ाज़ली ने बरसात के बादल को उसकी आवारा सिफ़त के मद्देनज़र सिर्फ़ दीवाना क़रार देते हुए बरी कर दिया, शायद इसलिए कि वह नहीं जानता, "किस राह से बचना है, किस छत को भिगोना है ।" मगर कालीदास का मेघदूत तो यक़ीनन घनचक्कर ही था । ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि उसके अनेक नामों में एक घनचक्र से ज़ाहिर हो रहा है । बोलचाल की भाषा में इधर-उधर भटकने वाले, निठल्ले, आवारा मनुष्य को घनचक्कर की संज्ञा दी जाती है । इसकी अर्थवत्ता में बेकार, सुस्त, आलसी, बेवकूफ़, मूर्ख जैसे आशय भी शामिल हो गए । घनचक्कर में दरअसल मुहावरेदार अर्थवत्ता है । यह तो तय है कि इसका पहला पद तत्सम घन है और दूसरा पद चक्कर, तद्भव है जो तत्सम चक्र से बना है । ज़ाहिर है मूल रूप में यह घनचक्र है । हिन्दी कोशों में घनचक्र का रिश्ता घनचक्कर से तो जोड़ा गया है मगर इसकी व्युत्पत्तिक व्याख्या नहीं मिलती कि हिन्दी वाङ्मय में घनचक्र का क्या सन्दर्भ है । जॉन प्लैट्स जैसे हिन्दी के यूरोपीय अध्येताओं नें घन शब्द के अन्तर्गत घनचक्कर को तो रखा है मगर इसके व्यावहारिक प्रयोग के उदाहरण उनके यहाँ नहीं मिलते साथ ही वे घनचक्कर का रिश्ता घनचक्र से भी स्थापित नहीं करते । उसकी जगह वे घनचक्कर का अर्थ घूमते हुए आकार (A revolving body), चकरीनुमा यन्त्र (a Catherine-wheel) अथवा इसके रूढ़ अर्थ मंदमति, बुद्धू आदि बताते हैं । हिन्दी शब्दसागर में इसका अर्थ एक किस्म की आतिशबाजी भी मिलता है, मगर यह प्लैट्स के शब्दकोश से जस का तस ले लिया गया लगता है । शब्दों का सफ़र में देखते हैं घनचक्कर की घुमक्कड़ी ।
समें कोई संदेह नहीं कि घनचक्कर का मूल घनचक्र है मगर आज हिन्दी से घनचक्र गायब हो चुका है और इसकी जगह मुहावरेदार अर्थवत्ता वाला रूपान्तर घनचक्कर विराजमान है जिसका अर्थ मूर्ख, आवारा, गावदी, निठल्ला आदि है मुश्किल ये है कि यह अर्थवत्ता स्थापित कैसे हुई । हिन्दी की तुलना में घनचक्र शब्द का मराठी वाङ्मय संदर्भ मिलता है । घनचक्र का घणचक्र रूप भी मराठी में है जबकि घनचकर रूप मराठी के अतिरिक्त पंजाबी में भी है । यही नहीं, महाराष्ट्र में घनचकर उपनाम भी मिलता है । घनचक्र का संदर्भ सीधे सीधे बादलों की उमड़-घुमड़ से जुड़ता है । सोलहवीं सदी में श्रीधर स्वामी लिखित “शिवलीलामृत” में “होत युद्धाचे घनचक्र” में इसका संदर्भ आया है जिसका अर्थ है युद्ध के बादल । घनचक्कर में भटकन, यायावरी की अर्थवत्ता पहले स्थापित हुई । इसका घनचक्र अर्थात बादल से रिश्ता ही घुमक्कड़ी, भटकन और यायावरी से इसे जोड़ता है । बादल का प्रतीक सतत भटकन का आदि प्रतीक है । मेघदूत की मज़बूत मिसाल सामने है । आवारा बादल जैसे विशेषण बहुत आम हो चुके हैं । स्पष्ट है कि घनचक्र दरअसल बादल ही है न कि कोई मशीनी संरचना । चक्र का अर्थ किसी यान्त्रिक चक्र से नहीं बल्कि बादलों के वर्तुल से है । भटकन जब बिलावजह हो तो बेनतीजा रहती है । समाज में यूँ भी अकारण फिरने वाले को आवारा ही कहा जाता है । बादल इसीलिए आवारा कहलाते हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कि कहाँ से गुज़रना है और कहाँ बरसना है । यानी अस्थिरता ही आवारा का मूल चरित्र है । जिसकी बुद्धि स्थिर न हो, वही घनचक्कर ।
नचक्कर शब्द कभी भी आतिशबाजी के अर्थ में हिन्दी में प्रचलित नहीं रहा । जॉन प्लैट्स के कोश में इसका एक अर्थ स्पष्ट रूप से कैथराईन व्हील दिया हुआ है । मध्यकाल में यूरोप में कैथराइन व्हील दुर्दान्त सज़ा देने वाला चकरीनुमा यन्त्र था । बाद के दौर में आतिशबाजी का जब विकास हुआ तो चकरीनुमा आतिबाजी को यूरोप में कैथराईन व्हील नाम दिया गया । भारत में भी जब यूरोपीय ढंग की आतिशबाजी आई तो कैथराइन व्हील को यहाँ चकरी के नाम से लोकप्रियता मिली । भरपूर तलाशने के बावजूद मुझे चकरीनुमा आतिशबाजी के लिए घनचक्कर पर्याय नहीं मिला । इंटरनेट पर जितने भी सन्दर्भ हैं, वे उन शब्दकोशों तक पहुँचाते हैं जिनकी सामग्री हिन्दी शब्दसागर से जस की तस ले ली गई है । ज़ाहिर है, जॉन प्लैट्स के कोश से जो सन्दर्भ शब्दसागर के सम्पादकों ने उठाया, उसका प्रसार अन्य शब्दकोशों तक हुआ मगर उसकी पुष्टि भारतीय वाङ्मय में नहीं की गई । घनचक्र में घन का आशय बादल से है न कि मशीनी घन से । घने काले श्यमवर्णी, एक दूसरे में समाते हुए , लगातार वर्तुल चक्रों में उमड़ते –घुमड़ते, और ज्यादा सघन होते, अपने भीतर के वाष्पकणों से संतृप्त  बरसने को आतुर बादल ही घनचक्र कहलाते हैं ।
नचक्र में बादलों की उमड़-घुमड़ साबित करने वाले अनेक तथ्य मराठी में मिलते हैं । इसके अतिरिक्त संस्कृत, हिन्दी में घन शब्द में भी बादल, मेघ का आशय प्रमुखता से है । बादलों के प्रतीक से ही घनचक्र में प्रचण्ड युद्ध, कठिन संघर्ष या भीषण टकराव का भाव भी उभरता है । कुल मिला कर घन चक्र में भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश लाने वाले बादलों की चक्रगतियों का स्पष्ट संकेत है । संस्कृत के घन शब्द की व्युत्पत्ति हन् से मानी गई है जिसमें आघात, प्रहार, चोट जैसे भाव हैं । हन् से बने घन का अर्थ है ठोस, कठोर, मज़बूत, स्थिर, अटल, चुस्त, सुगठित जैसे भाव है । सघन, सघनता, घनत्व, घनता जैसे शब्द इसी घन से बने हैं । घन का अर्थ हथौड़ा या बेहद मज़बूत शिलाखण्ड से भी है जिसका उपयोग आक्रमण के लिए किया जाए । घनत्व के भाव को उजागर करने वाला शब्द घनघोर है । जैसे घनघोर जंगल, घनघोर अंधेरा, घनघोर बारिश, घनघोर पाप आदि । घनश्याम श्रीकृष्ण का लोकप्रिय नाम है जिसमें उनके मेघवर्णी रूप का संकेत है अर्थात ऐसा काला रंग जैसे कि बरसाती बादल होते हैं । बादलों का संकेत चातक, पपीहा जैसे पक्षी के घनताल नाम से भी मिलता है । पपीहा को घनतोल भी कहते हैं क्योंकि उसे बारिश का अंदाज़ हो जाता है । सबसे निकट का, पास का के अर्थ में घन से बने घनिष्ठ का प्रयोग भी हिन्दी में खूब होता है ।

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6 कमेंट्स:

प्रवीण पाण्डेय said...

चक्कर तो आज ढंग से समझ आ गया..

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मनमोरा ।।

आशा जोगळेकर said...

घन शब्द का अर्थ मराठी में तो बादल ही होता है ।

घन वाजे घुणघुणा
वारा
वाहे रुणझुणा

सजल साम घन गर्जत आले बरसत आज तुषार
आता जीवनमय संसार ।
चक्र को तो आपने समझा ही दिया । बादल की तरह घूमने वाला । घनचक्कर को भूलना अब न होगा ।

विष्णु बैरागी said...

अरे! आपने तो चक्‍कर में डाल दिया। महबूब की जुल्‍फों को अब 'घनचक्‍कर' कहना पडेगा?

यह ठीक नहीं किया आपने।

indiantopblogs.com said...

निश्चय ही घनचक्कर रहा होगा मेघदूत। आपका ब्लॉग पढ़कर बहुत खुशी हुई। अच्छा लगा यह देखकर कि हिन्दी में कई अच्छे ब्लॉग लिखे और पढे जा रहे हैं।
हम यहाँ पहुंचे हिन्दी के अच्छे ब्लॉगों को ढूंढते हुए। हालांकि हिन्दी के ब्लॉगों की कई सूचियाँ इंटरनेट पर हैं लेकिन सर्वश्रेष्ठ भारतीय ब्लॉगों की डाइरेक्टरी की तर्ज पर इंडियन टॉप ब्लॉग्स ने हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगों को संकलित करने का काम भी हाथ में लिया है। नवम्बर में हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगों की डाइरेक्टरी आपके सामने आ जाएगी।

घनश्याम मौर्य said...

वाकई 'घनचक्र' शब्‍द का सफर तो घनचक्‍कर टाइप वाला ही रहा है। लेकिन आपने इस घनचक्र को‍ जिस तरह रोक कर बरसा दिया है उससे जिज्ञासा की पिपासा शान्‍त हो गयी। धन्‍यवाद।

नीचे दिया गया बक्सा प्रयोग करें हिन्दी में टाइप करने के लिए

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